दिल्ली / – पति की मौत के बाद शादी कर के बुजुर्ग सास-ससुर को मुकदमेबाजी में घसीटने वाली एक महिला को दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा सबक सिखाया है। अदालत ने महिला पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। महिला ससुराल पक्ष को लगातार मुकदमों में घसीट रही थी। अदालत ने पाया कि महिला के पति की मृत्यु हो चुकी है। यहां तक की उसने खुद भी दूसरी शादी कर ली है। बावजूद उसकी ओर से बुजुर्ग सास-ससुर को कोर्ट-कचहरी में घसीटा जा रहा है।
बदले की भावना से किया परेशान
जस्टिस अरुण मोंगा की अदालत ने कहा कि महिला ने ससुराल वालों को केवल बदले की भावना से कानून का दुरुपयोग करते हुए परेशान किया है। अदालत ने कहा कि महिला का आचरण कानून की प्रक्रिया के दुरुपयोग का सीधा उदाहरण है। पति की मौत के बाद भी महिला अपने सास-ससुर को लगातार मुकदमों में उलझाकर उनको परेशान कर रही है। वह बूढ़े सास-ससुर का उत्पीड़न करते हुए उनका सार्वजनिक अपमान कर रही है।
यह सोच-समझ कर की गई प्रताड़ना
अदालत ने कहा कि यह न्याय की मांग नहीं वरन सोच-समझ कर की गई प्रताड़ना है। जस्टिस अरुण मोंगा ने कहा कि महिला ने दोबारा शादी कर ली, लेकिन फिर भी वह अपने मृत पति के बुजुर्ग माता-पिता को परेशान कर रही है। वह बार-बार उनको कोर्ट में घसीट रही है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने निचली के आदेशों को रद्द कर दिया।
यह तो सिर्फ और सिर्फ उत्पीड़न
निचली अदालत ने महिला की शिकायत पर अपने आदेश में बुजुर्ग ससुराल पक्ष को घरेलू हिंसा कानून 2005 के तहत मामले में दोबारा शामिल करने का निर्देश दिया था। जस्टिस अरुण मोंगा की पीठ ने कहा कि महिला का यह रवैया न्याय कहलाने लायक नहीं है। यह तो सिर्फ और सिर्फ उत्पीड़न है, जिसे कानूनी प्रक्रिया का नाम दिया जा रहा है।
परेशान ही नहीं, अदालत का कीमती वक्त भी बर्बाद किया
जस्टिस अरुण मोंगा की पीठ ने कहा कि महिला ने ना केवल कानून का दुरुपयोग कर ससुराल पक्ष को परेशान किया है, वरन उसने अदालत का बेहद कीमती वक्त भी बर्बाद किया है। वह निचली अदालत में लगातार पूर्व पति के परिवार वालों को कटघरे में खड़ा करती रही है।
क्या था पूरा मामला?
बता दें कि महिला की याचिका पर निचली अदालत ने पूर्व पति के परिवार को घरेलू हिंसा के आरोपों में समन किया था। इस समन को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने बुजुर्ग सास-ससुर की याचिका को स्वीकार करते हुए उस पर सुनवाई करने का फैसला किया था। सुनवाई जस्टिस अरुण मोंगा की अदालत में हुई। पीठ ने इंसाफ करते हुए महिला पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
ब्युरो रिपोर्ट










