4 अगस्त तक चैतन्य बघेल को जेल: प्रवर्तन निदेशालय के वकील सौरभ कुमार पांडेय ने बताया “चैतन्य बघेल का जो रोल था वह शराब घोटाला मामले में इन्वेस्टिगेशन प्रवर्तन निदेशालय के द्वारा किया गया. चैतन्य बघेल को दोषी पाए जाने के बाद 18 जुलाई को उनके घर में रेड की कार्यवाही करते हुए चैतन्य बघेल को अरेस्ट कर लिया गया था. चैतन्य बघेल के घर में रेड के दौरान प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने कुछ सवाल भी चैतन्य बघेल से किए थे, लेकिन उचित जवाब नहीं मिल पाने के कारण उसे अरेस्ट कर लिया गया था. 18 जुलाई को कोर्ट में पेश करने के बाद कोर्ट से प्रवर्तन निदेशालय ने पांच दिनों की रिमांड मांगी थी जो मंजूर हो गई थी. 5 दिनों की रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद उसे फिर से कोर्ट में पेश किया गया. इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट से 14 दिनों की न्यायिक रिमांड की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने मंजूर करते हुए 4 अगस्त तक चैतन्य बघेल को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.”
4 अगस्त तक ईडी करेगी पूछताछ: सौरभ कुमार पांडेय ने बताया “5 दिनों की रिमांड के दौरान चैतन्य बघेल से ईडी की टीम ने कई सवाल जवाब किया. जिसमें कुछ जवाब उन्होंने सही दिए और कई चीजों से उन्हें कंसर्न कराया गया. स्टेटमेंट के साथ ही कई दस्तावेज से भी उन्हें कंसर्न कराया गया. कुछ चीजों को चैतन्य बघेल ने स्वीकार किया और कुछ चीजों को उन्होंने नहीं बताया. अब इस जांच की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है. चैतन्य बघेल से हुए सवाल जवाब के बाद कई और लोगों को पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर बुलाया जाएगा. प्रवर्तन निदेशालय के द्वारा जिन चीजों की जानकारी चैतन्य बघेल से लेनी थी वह पूरी होने के बाद 14 दिनों की न्यायिक रिमांड में जेल भेजने की अनुमति कोर्ट ने दे दी है. 4 अगस्त तक चैतन्य बघेल न्यायिक रिमांड पर जेल में रहेंगे.”
प्रवर्तन निदेशालय के वकील सौरभ कुमार पांडेय ने आगे बताया कि पीएमएलए के तहत अरेस्टिंग का जो प्रावधान है, वह धारा 19 के अंतर्गत दिया गया है. किसी को पीएमएलए के तहत अरेस्ट करना है तो धारा 19 के तहत किया जा सकता है. पीएमएलए की धारा 19 के तहत जो भी प्रावधान दिए गए हैं उन्हें प्रावधानों के तहत चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया गया है. इस धारा 19 के तहत गिरफ्तारी में कोई भी त्रुटि नहीं है. पीएमएलए के तहत इन्वेस्टिगेशन इस बात के लिए नहीं है कि इनकम टैक्स जैसे इन्वेस्टिगेशन होता है कि यह पैसा कहां से आया है. यहां पर जो इन्वेस्टिगेशन हो रहा है वह इस बात के लिए हो रहा है यदि पैसे का सोर्स आपराधिक गतिविधि मैं शामिल होकर उसका अर्जन करना है. इसी आधार पर पीएमएलए के तहत कार्रवाई की जाती है.
चैतन्य बघेल की रिमांड बढ़ी: बचाव पक्ष के वकील फैजल रिजवी ने बताया “ईडी ने तथ्यों को छिपाकर, असत्य चीजें और डॉक्यूमेंट्स कोर्ट में पेश किया. बिना सुनवाई के अवसर दिए, धारा 50 के पालन किए बिना और अपना पक्ष रखने के लिए समय दिए बिना ईडी ने कार्रवाई की है. चैतन्य बघेल को 14दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.”
बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि उनके पास वैधानिक डॉक्यूमेंट है. अगर ऐसा है तो ट्रायल के समय उनको भी अपनी सत्यता साबित करने का मौका मिलेगा. चार्ज शीट के बारे में उन्होंने बताया कि गिरफ्तार की गई तारीख से उनके पास 7 दिन का समय होता है. सात दिवस के भीतर इन्वेस्टिगेशन को और आगे लेकर जाएंगे.
18 जुलाई को ईडी ने चैतन्य बघेल को किया गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला में प्रवर्तन निदेशालय ने 18 जुलाई को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास पर छापेमारी की थी. जिसके बाद चैतन्य बघेल को ईडी ने गिरफ्तार किया. गिरफ्तार की बाद ईडी चैतन्य को अपने साथ रायपुर लेकर आई. वहीं विशेष कोर्ट में ईडी ने चैतन्य बघेल को पेश किया. जहां से चैतन्य बघेल को 5 दिन की ईडी कस्टडी में भेज दिया गया.
चैतन्य बघेल पर 16 करोड़ से ज्यादा की अवैध कमाई का आरोप:
22 जुलाई को चैतन्य बघेल की रिमांड पूरी होने से एक दिन पहले 21 जुलाई को ईडी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की. जिसमें बताया गया कि शराब घोटाला में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने 16 करोड़ 70 लाख रुपये की अवैध कमाई की है. प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक चैतन्य बघेल ने 16 करोड़ 70 लाख रुपए की अवैध कमाई को अपने रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में इन्वेस्ट किया. उन्होंने यह पैसा नकद में ठेकेदारों को भुगतान किया और फर्जी बैंक एंट्री और फ्लैट खरीदी के बहाने से उपयोग किया.
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: प्रवर्तन निदेशालय की जांच में यह बात सामने आई कि साल 2019 से साल 2022 के बीच छत्तीसगढ़ में 2000 करोड़ रुपए से ज्यादा का शराब घोटाला हुआ. इस दौरान प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी. प्रवर्तन निदेशालय का दावा है कि इस पूरे मामले में राज्य के बड़े नेताओं और अधिकारियों का समर्थन था. शराब घोटाला के आरोप में कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे कवासी लखमा इस समय जेल में बंद है.
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की आर्थिक नाकेबंदी: वहीं चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के खिलाफ कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में प्रदर्शन किया. रायपुर, सरगुजा, बस्तर, दुर्ग, बिलासपुर संभाग में कांग्रेस ने आर्थिक नाकेबंदी की. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता सड़क जाम कर ईडी की कार्रवाई का विरोध करने लगे. रायपुर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया. धमतरी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने NH 30 जाम कर दिया. दुर्ग भिलाई में पूर्व ताम्रध्वज साहू और कांग्रेस नेता अरुण वोरा के नेतृत्व में कांग्रेसी सड़क पर उतरे. ”जल जंगल जमीन को बचाना है, अडानी को भगाना है के नारे कांग्रेसियों ने विरोध प्रदर्शन के दौरान लगाए.।
ब्यूरो रिपोर्ट










