February 8, 2026 3:07 pm

प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या पर भारी बवाल : पुलिस ने रोकी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी, साधु की पिटाई, झड़प के बाद बिना स्नान लौटे।

प्रशासन और संतों के बीच तीखी नोक-झोंक; शंकराचार्य का आरोप- ‘भगदड़ पर सवाल उठाने का सरकार ले रही है बदला

 प्रयागराज। मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर जहाँ संगम तट करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से सराबोर था, वहीं प्रयागराज माघ मेले में पुलिस और ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के बीच हुए भारी विवाद ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। विवाद इतना बढ़ा कि पुलिस ने शंकराचार्य की पालकी को जबरन रोक दिया, शिष्यों को हिरासत में लिया और धक्का-मुक्की के दौरान पालकी का छत्र भी टूट गया। इसके चलते शंकराचार्य बिना स्नान किए ही वापस लौट गए। पैदल जाने की जिद और विवाद की शुरुआत
विवाद उस समय शुरू हुआ जब शंकराचार्य अपनी पालकी और शिष्यों के साथ संगम की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने अत्यधिक भीड़ का हवाला देते हुए शंकराचार्य को रथ/पालकी से उतरकर पैदल जाने को कहा। शंकराचार्य के शिष्यों ने इसे परंपरा और मान-मर्यादा के खिलाफ बताते हुए पालकी आगे बढ़ाने की कोशिश की। देखते ही देखते बहस धक्का-मुक्की में बदल गई।
साधु की पिटाई और समर्थकों को हिरासत में लिया
चश्मदीदों के अनुसार, पुलिस ने कई शिष्यों को बलपूर्वक हिरासत में ले लिया। आरोप है कि पुलिस ने एक साधु को चौकी के भीतर ले जाकर पीटा। इस घटना से शंकराचार्य अत्यंत नाराज हो गए और अपने शिष्यों को छुड़वाने की मांग पर अड़ गए। प्रशासनिक अधिकारियों ने हाथ जोड़कर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन करीब 2 घंटे तक गहमा-गहमी बनी रही। अंततः पुलिस पालकी को खींचते हुए संगम से करीब 1 किमी दूर ले गई, जिससे पालकी का क्षत्रप भी क्षतिग्रस्त हो गया।
शंकराचार्य का तीखा हमला: ‘सरकार के इशारे पर हो रही कार्रवाई’
मीडिया से बात करते हुए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा:
“बड़े-बड़े अधिकारी हमारे संतों को मार रहे थे। यह सब सरकार के इशारे पर हो रहा है क्योंकि वे हमसे नाराज हैं। महाकुंभ की भगदड़ के लिए मैंने उन्हें जिम्मेदार ठहराया था, अब वे अधिकारियों के जरिए बदला निकाल रहे हैं। उन्हें ऊपर से आदेश है कि हमें परेशान किया जाए।”
3 करोड़ से अधिक ने लगाई डुबकी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस हंगामे के बीच मौनी अमावस्या का मुख्य स्नान जारी रहा। प्रशासन के अनुसार अब तक करीब 3 करोड़ लोग संगम में डुबकी लगा चुके हैं, और यह आंकड़ा 4 करोड़ तक पहुँचने की उम्मीद है। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी ड्रोन, AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और CCTV कैमरों से की जा रही है। 800 हेक्टेयर में बसे इस मेले को 7 सेक्टरों में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था संभाली जा रही है।

ब्युरो रिपोर्ट

 

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