February 8, 2026 4:43 pm

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छ हवा के लिए विज्ञान-आधारित नीति की मांग की ।

रायपुर। लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आज संसद में देश के गंभीर रूप से प्रदूषित औद्योगिक और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ हवा और नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने विशेष रूप से भिलाई, कोरबा और रायपुर जैसे औद्योगिक हब में वायु प्रदूषण की बढ़ती चुनौती को गंभीर बताया और इस समस्या से निपटने के लिए ठोस और वैज्ञानिक रूप से आधारित कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

सांसद अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान में वायु प्रदूषण के समाधान हेतु अपनाई जा रही ‘वन-साइज़-फिट्स-ऑल’ नीति प्रभावी नहीं है। उन्होंने मांग की कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए स्थान-विशिष्ट (लोकेशन स्पेसिफिक) और विज्ञान-आधारित रणनीति बनाई जाए, जो क्षेत्रीय परिस्थितियों और प्रदूषण स्रोतों के अनुसार अनुकूल हो। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (नीरी) द्वारा विकसित वैज्ञानिक मॉडल का उपयोग नीति निर्माण में किया जाना चाहिए, ताकि प्रदूषण कम करने में वास्तविक और मापनीय परिणाम सामने आए।
सांसद ने यह भी स्पष्ट किया कि स्वच्छ हवा केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह जनस्वास्थ्य की रक्षा और भविष्य की पीढ़ियों के सुरक्षित जीवन से जुड़ा एक संवेदनशील विषय है। उन्होंने कहा कि वायु प्रदूषण से होने वाली बीमारियों और स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने के लिए सरकार को तत्काल प्रभावी कदम उठाने होंगे। अग्रवाल ने सदन में यह भी उल्लेख किया कि औद्योगिक क्षेत्र और शहरी केंद्रों में धूल, धुआं और गैसीय प्रदूषक के स्तर को निरंतर मॉनिटर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नीति निर्माण में वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी उपकरण और मॉनिटरिंग डेटा का व्यापक उपयोग होना चाहिए, ताकि प्रदूषण नियंत्रण रणनीतियाँ वास्तविक प्रभाव डाल सकें। सांसद ने निष्कर्ष रूप में कहा कि स्वच्छ हवा, नागरिकों की सुरक्षा और भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक साझा संकल्प है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वायु गुणवत्ता सुधार के लिए व्यापक और दीर्घकालिक योजनाएं बनाकर उन्हें शीघ्र क्रियान्वित किया जाए।

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