‘ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन विधेयक, 2025’ का उद्देश्य ई-स्पोर्ट्स, शैक्षिक और सामाजिक खेलों को बढ़ावा देना और उनका विनियमन करना है. इसके साथ ही ऑनलाइन मनी गेम्स की पेशकश, संचालन, सुविधा, विज्ञापन, प्रचार और भागीदारी पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाना है.
दिल्ली / –लोकसभा में ‘ऑनलाइन खेल संवर्धन और विनियमन विधेयक- 2025’ ध्वनि मत से पारित हो गया है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस बिल को लेकर कहा कि इस बिल का मुख्य उद्देश्य ऑनलाइन गेमिंग के हानिकारक प्रभावों को रोकना, नियंत्रित करना और कम करना है. केंद्रीय मंत्री ने कहा, “आज के युग में डिजिटल टेक्नोलॉजी में ऑनलाइन गेमिंग एक बड़ा सेक्टर बनकर उभरा है. ऑनलाइन गेमिंग के तीन सेगमेंट्स हैं: पहला- ई-स्पोर्ट्स, दूसरा- ऑनलाइन सोशल गेमिंग और तीसरा- ऑनलाइन मनी गेमिंग. इस बिल के माध्यम से ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेमिंग को प्रमोट किया जाएगा और इसको सपोर्ट भी मिलने की उम्मीद है. हमारे द्वारा एक अथॉरिटी बनाई जाएगी, जिसके माध्यम से ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेमिंग को बढ़ावा दिया जाएगा.”
ऑनलाइन मनी गेमिंग को समाज के लिए हानिकारक
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ऑनलाइन मनी गेमिंग को समाज के लिए हानिकारक बताया. उन्होंने कहा, “ऑनलाइन मनी गेमिंग समाज के लिए सही नहीं है. कुछ गेम्स ऐसे हैं, जिनमें परिवार की जिंदगीभर की बचत ऑनलाइन गेम में चली जाती है. एक बार क्रेडिट या डेबिट कार्ड के डिटेल साझा करने पर उसमें से लगातार रुपए कटने की संभावना बनी रहती है. मैं मानता हूं कि यह बड़ी समस्या है. इसके कारण सुसाइड जैसी घटनाएं भी दर्ज की जाती हैं. मैंने हाल ही में एक रिपोर्ट पढ़ी थी, जिसमें बताया गया कि सुसाइड की 32 घटनाएं 31 महीने में हुई हैं, जो ऑनलाइन मनी गेमिंग के कारण थीं. इस तरह की समस्याओं का समाधान निकालना बहुत जरूरी है और इस पर रोक लगाने की सख्त जरूरत है.”
केंद्रीय मंत्री ने ऑनलाइन गेमिंग के कारण समाज पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा, “समाज को जो नुकसान हो रहा है, इसलिए उसे बचाना हमारे लिए जरूरी है.”
बिल में प्रस्ताव है कि कानून बनने के बाद इसका उल्लंघन कर ऑनलाइन मनी गेमिंग सर्विस देने वालों को तीन साल तक की जेल या एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं. नियमों का उल्लंघन करके विज्ञापन देने वालों के लिए भी प्रावधानों में दो साल तक की कैद या 50 लाख रुपये तक का जुर्माना, या दोनों का प्रावधान है. ऐसे ही किसी भी तरह के लेन-देन में शामिल लोगों को भी सजा दी जाएगी. बार-बार उल्लंघन करने वालों को पांच साल तक की सजा के साथ जुर्माना लगाया जा सकता है.
ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन विधेयक, 2025′ का उद्देश्य ई-स्पोर्ट्स, शैक्षिक और सामाजिक खेलों को बढ़ावा देना और उनका विनियमन करना है. इसके साथ ही ऑनलाइन मनी गेम्स की पेशकश, संचालन, सुविधा, विज्ञापन, प्रचार और भागीदारी पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाना है.
ड्रीम 11 जैसे एप्स का क्या होगा?
इस बिल को संसद में पेश किए जाने की खबर सामने आने के बाद से ही लोग सोशल मीडिया पर कई सवाल पूछ रहे हैं. कई लोग पूछ रहे हैं कि क्या इससे ड्रीम-11 जैसे ऑनलाइन गेम्स भी बंद हो जाएंगे? जो प्रावधान हैं उनसे यही लगता है कि पैसा लगाकर खेले जाने वाले तमाम ऐप्स की दुकान बंद होने वाली है.
क्रिकेट और बाकी खेलों के लिए कई ऐसे ऐप्स हैं, जिनमें पैसे लगाकर टीम बनानी होती है. वहीं बिल में ये साफ किया गया है कि किसी भी तरह के ट्रांजेक्शन वाले ऐप्स को बंद किया जाएगा. साथ ही ये भी कहा गया है कि जो सट्टेबाजी को प्रमोट करते हैं या फिर जिनकी लत लग सकती है, उन पर भी नकेल कसी जाएगी. ऐसे में इस बात की पूरी संभावना है कि ड्रीम-11 जैसे ऐप्स के खिलाफ भी एक्शन लिया जा सकता है.
ब्युरो रिपोर्ट










