खैरागढ़। स्वतंत्रता दिवस से ठीक एक दिन पहले खैरागढ़ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपए नकद बरामद किए हैं। इस कार्रवाई ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। मामला ईतवारी बाजार एमसीपी प्वाइंट का है, जहां नियमित वाहन चेकिंग अभियान के दौरान एक संदिग्ध स्कॉर्पियो (MH-12 WZ-0696) को रोका गया। वाहन की तलाशी में पुलिस को वह मिला जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। सीटों के नीचे बने गुप्त खांचों (सीक्रेट चेम्बर) में नोटों के बंडलों से भरे थैले। बरामद रकम गिनने पर कुल ₹4,04,50,000 (चार करोड़ चार लाख पचास हजार रुपए) निकले। पुलिस के अनुसार, इतनी बड़ी रकम के बारे में कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं किया गया।
संदेह से शुरू हुई कार्रवाई
वाहन में सवार गुजरात निवासी पारस पटेल और अक्षय पटेल शुरुआत में सामान्य नजर आए, लेकिन पूछताछ के दौरान उनके हावभाव में घबराहट और जवाबों में उलझन साफ झलकने लगी। संदेह बढ़ने पर पुलिस ने तुरंत प्रतिष्ठित गवाहों को मौके पर बुलाया, कैमरे चालू किए और स्कॉर्पियो की गहन तलाशी शुरू की। गुप्त खांचे से करोड़ों की बरामदगी तलाशी के दौरान जब सीटों के नीचे बने गुप्त खांचों को खोला गया तो पुलिसकर्मियों की आंखें फटी की फटी रह गईं। एक-एक कर नकदी से भरे थैले बाहर निकाले गए। नोटों के बंडलों को देखकर वहां मौजूद लोगों में भी हैरानी का माहौल था। रकम गिनने पर यह 4.04 करोड़ रुपए निकली।
कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी
राशि के स्रोत के बारे में कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं किए जाने पर पुलिस ने BNSS की धारा 106 के तहत नकदी और वाहन को जब्त कर लिया। दोनों युवकों को हिरासत में लेकर थाना लाया गया, जहां उनसे विस्तृत पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इन पैसों का संबंध किसी बड़े नेटवर्क या लेन-देन से हो सकता है, जिसकी कड़ियां अब तलाश की जा रही हैं। मामला आयकर विभाग को सौंपा गया बरामदगी की संवेदनशीलता और संदिग्धता को देखते हुए पूरा मामला आयकर विभाग को सौंप दिया गया है। आयकर टीम अब इस रकम के स्रोत, लेन-देन और संभावित अवैध गतिविधियों से जुड़ी जांच करेगी। पुलिस सूत्रों का मानना है कि यह रकम हवाला, चुनावी फंडिंग या किसी अपराध नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है।
पुलिस की सतर्कता बनी मिसाल यह कार्रवाई खैरागढ़ पुलिस की सतर्कता और त्वरित निर्णय क्षमता का उदाहरण बन गई है। स्वतंत्रता दिवस से पहले इस तरह की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि त्योहारों और राष्ट्रीय अवसरों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। आगे की जांच में खुल सकते हैं बड़े राज अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपी रकम के स्रोत को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए हैं। मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों की जांच भी की जा रही है, जिससे उनके संपर्कों और नेटवर्क का पता लगाया जा सके। संभावना है कि आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े कई बड़े नाम और स्थान सामने आ सकते हैं।
स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय
इतनी बड़ी नकदी की बरामदगी ने खैरागढ़ और आसपास के इलाकों में चर्चाओं का दौर शुरू कर दिया है। लोग अलग-अलग अंदाजे लगा रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी रकम कहां से आई और कहां जा रही थी। यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या यह रकम किसी चुनाव, जमीन सौदे या मादक पदार्थों के नेटवर्क से जुड़ी थी। पुलिस का संदेश – कानून से ऊपर कोई नहीं खैरागढ़ पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। बिना दस्तावेज के इस तरह की बड़ी रकम रखने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत साझा करें।
ब्यूरो रिपोर्ट










