** नगर में भालुओं की बढ़ती आमद और डीएफओ के अभद्र व्यवहार को लेकर उठा विवाद, हटाने की उठी मांग**
एमसीबी /मनेन्द्रगढ़ – नगर में लगातार देखे जा रहे भालुओं की आमद और इससे उपजती आम जनता की सुरक्षा चिंता को लेकर बुधवार को मनेन्द्रगढ़ के नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव एवं पार्षदगण और अन्य जनप्रतिनिधि वन विभाग कार्यालय पहुंचे थे।
वे वनमंडला अधिकारी से मुलाकात कर नगर की समस्या पर बात करना चाहते थे। लेकिन बैठक की शुरुआत से ही विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई जब DFO ने जनप्रतिनिधियों के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया और उन्हें कार्यालय से बाहर जाने को कह दिया।
इस घटना से आक्रोशित नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती यादव, एवं उनके पति पूर्व नेता प्रतिपक्ष वर्तमान विधायक प्रतिनिधि सरजू यादव, सभी पार्षद और जनप्रतिनिधि वहीं कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए। उन्होंने सीधे मनेन्द्रगढ़ विधायक और स्वास्थ मंत्री श्यामबिहारी जयसवाल को फोन कर मामले की जानकारी दी और तत्काल DFO को हटाने की मांग की।

नगर पालिका मनेन्द्रगढ़ के पूर्व नेता प्रतिक्ष एवं वर्तमान विधायक प्रतिनिधि सरजू यादव ने कहा,की **”हम जनता के हित के लिए समस्या लेकर अधिकारी के पास पहुंचे थे, लेकिन हमारे साथ बदसलूकी की जाती है हमें अपमानित किया गया। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक ऐसे घमंडी भृष्ट अधिकारी को यहां से हटाया नहीं जाता है तब तक हमारा धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।”**
देखते ही देखते वनमण्डल कार्यालय के प्रांगण में धरना स्थल पर बड़ी संख्या में कांग्रेस एवं भाजपा के जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की भीड़ इकट्ठा हो गई। स्थिति तनावपूर्ण होती देख पुलिस प्रशासन को मौके पर बुलाया गया ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।
### समस्या की जड़ — नगर की वार्डों में भालुओं की आमद
मनेन्द्रगढ़ नगर क्षेत्र में पिछले कुछ सप्ताहों से भालुओं का खुलेआम घूमना आम बात हो गया है। कई बार ये जंगली जानवर रिहायशी इलाकों में दाखिल होकर लोगों की जान-माल को खतरे में डाल चुके हैं। इसके बावजूद वन विभाग द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों ने डीएफओ से जवाब मांगने का प्रयास किया था।


डीएफओ पर लगे अभद्रता के आरोप
नगरपालिका अध्यक्ष और पार्षदों ने आरोप लगाया कि DFO ने न सिर्फ बातचीत से करने से इनकार किया, बल्कि शिष्टाचार को ताक पर रखकर अपशब्दों का इस्तेमाल करते हुए जनप्रतिनिधियों से कार्यालय खाली करने को कहा। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यह न केवल लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन है, बल्कि जनता की आवाज को दबाने का प्रयास भी है।
### राजनैतिक हलचल और संभावित कार्रवाई
मामला को तूल पकड़ता देख अब यह राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। स्थानीय विधायक को मामले की पूरी जानकारी दी गई है और जल्द ही राज्य शासन स्तर पर इसकी शिकायत की जाएगी। यदि मांगें पूरी नहीं होतीं तो जनप्रतिनिधियों द्वारा बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।

### निष्कर्ष:
एक ओर जहां वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियां नगरवासियों के लिए चिंता का कारण बन रही हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच का टकराव अब नए स्तर पर पहुंच गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने मनेन्द्रगढ़ की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
**अब देखना यह है कि जनप्रतिनिधियों की मांग पर क्या शासन इस मामले में संज्ञान लेते हुए डीएफओ के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए DFO मनीष कश्यप को हटाया जाएगा या मामला समझोते में सिमट जाएगा।
ब्यूरो रिपोर्ट










